पूर्वांचल की शक्ति: 28 जिलों का महासंगम
हमारा विस्तार, हमारी एकता। पूर्वांचल के 28 जिलों को एक सूत्र में पिरोकर विकास और समृद्धि की ओर एक मजबूत कदम।
हमारे बारे में जानें
पूर्वांचल के अद्भुत उत्पाद और हस्तशिल्प
हमारी माटी की महक, हमारे हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद। हमारी संस्कृति को सहेजने का एक प्रयास।
हमारी संस्कृति देखें
लहलहाते खेत-खलिहान: सशक्त किसान
कृषि हमारे पूर्वांचल की आत्मा है। किसानों के सम्मान और उत्थान के लिए महासभा सदैव समर्पित है।
हमारे अभियान से जुड़ेंअपना पूर्वांचल महासभा
अपना पूर्वांचल महासभा, उत्तर प्रदेश के 28 जिलों के देश-विदेश में बसे प्रवासी और निवासियों को एक मंच पर लाने का एक अभिनव प्रयास है। हमारा मुख्य उद्देश्य परदेश में बसे प्रवासियों को एकजुट कर उनकी ऊर्जा, अनुभव और संसाधनों को अपने मूल जिले के विकास में लगाना है।
इसके साथ ही, पूर्वांचल के अद्भुत उत्पादों, समृद्ध संस्कृति और छिपी हुई प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना भी हमारा दृढ़ संकल्प है। हम सब मिलकर अपने पूर्वांचल को एक नई ऊँचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
वैश्विक मंच
प्रवासियों की एकजुटता
जिले का विकास
संसाधनों का सही उपयोग
सांस्कृतिक पहचान
उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय सम्मान
हमारे अभियान का हिस्सा बनें
पूर्वांचल की प्रगति, संस्कृति और समाज के उत्थान के लिए आज ही अपना कदम बढ़ाएं।
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महासभा के परिवार से जुड़ें। देश-विदेश के प्रवासियों के साथ मिलकर पूर्वांचल के विकास में अपना सक्रिय योगदान दें।
ऑनलाइन फॉर्म भरेंयोगदान दें
आपका छोटा सा सहयोग हमारे अभियानों को नई दिशा और शक्ति प्रदान करेगा। समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
डोनेशन पेजकार्यक्रम देखें
महासभा द्वारा आयोजित आगामी सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी कार्यक्रमों की पूरी जानकारी प्राप्त करें।
आगामी इवेंट्स लिस्टलोगों के अनुभव और विचार
पूर्वांचल महासभा से जुड़े हमारे सदस्यों और शुभचिंतकों की राय जानें।
"महासभा ने देश-विदेश में बसे पूर्वांचलवासियों को एकजुट करने का जो बीड़ा उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय है। इस मंच के माध्यम से हमें अपने मूल जिले के विकास में योगदान देने का एक बेहतरीन अवसर मिला है।"
रमेश सिंह
प्रवासी उद्यमी, मुंबई
"पूर्वांचल की संस्कृति, कला और यहाँ के उत्पादों को विश्व स्तर पर ले जाने का यह एक शानदार प्रयास है। अपना पूर्वांचल महासभा सही मायनों में हमारी मिट्टी और हमारी जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम है।"
डॉ. अंजलि ओझा
शिक्षाविद, वाराणसी
"एक स्थानीय निवासी होने के नाते मुझे यह देखकर गर्व होता है कि हमारे जो भाई-बंधु बाहर बसे हैं, वो महासभा के ज़रिए वापस अपने गाँव और समाज के उत्थान के लिए काम कर रहे हैं। यह हम सबके लिए प्रेरणादायक है।"
विकास राय
स्थानीय निवासी, गोरखपुर
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
अपना पूर्वांचल महासभा के बारे में आपके सभी सवालों के जवाब यहाँ मौजूद हैं।